पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल सरकार के बजट में राज्य की पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। बजट से जुड़े कार्यक्रम में जूट से बने पारंपरिक सामानों और ग्रामीण उद्योगों को प्रोत्साहन देने की दिशा में कदमों की चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता की मौजूदगी में पेश किए गए बजट में रोजगार, विकास और स्थानीय उद्योगों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। नई सरकार के इस पहले बड़े बजट में कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने की कोशिश दिखाई दी।
जूट बंगाल की पहचान से जुड़ा प्रमुख क्षेत्र रहा है। सरकार का उद्देश्य पारंपरिक उत्पादों को नए बाजारों से जोड़ना और कारीगरों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना बताया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बजट में राज्य की अर्थव्यवस्था, उद्योग और विकास योजनाओं को लेकर कई घोषणाएं की गईं। वित्त विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे स्वपन दासगुप्ता ने बजट पेश किया, जबकि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा।
सरकार का दावा है कि बजट के जरिए रोजगार, निवेश और सामाजिक योजनाओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। वहीं विपक्ष की ओर से बजट के प्रावधानों पर प्रतिक्रिया भी सामने आने की संभावना है।